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Tuesday, 4 November 2014

मुसलमान नहीं बनने पर पत्‍नी को वेश्‍या बनाने की धमकी देने वाले रंजीत के मंत्रियों से संबंध

रांची – राष्‍ट्रीय स्‍तर की निशानेबाज तारा सहदेव से शादी करने के बाद उन्‍हें इस्‍लाम कबूल नहीं करने पर वेश्‍यावृत्ति  करवाने की धमकी देने के आरोपी रंजीत सिंह कोहली उर्फ रकीबुल हसन खान के मंत्रियों और अफसरों से करीबी संबंध होने की बात सामने आई है। मंगलवार रात दिल्‍ली में पुलिस के हत्‍थे चढ़े रंजीत और उसकी मां कौशल्या रानी कोहली उर्फ कौसर परवीन से पूछताछ में कई और बातें सामने आने की उम्‍मीद है। इन दोनों पर तारा ने आरोप लगाया है कि वे उन्‍हें प्रताडि़त करते थे और इस्‍लाम कबूल नहीं करने पर वेश्‍यावृत्ति करवाने की धमकी देते थे। इधर, रंजीत और उसकी मां को दिल्ली की द्वारका की एक अदालत ने बुधवार को तीन दिनों की रिमांड पर रांची पुलिस को सौंप दिया है।
इससे पहले रंजीत और उसकी मां को दिल्‍ली में मेडिकल चेकअप के बाद कोर्ट में पेश किया गया। अब दोनों को झारखंड ले जाकर वहां पूछताछ की जाएगी। रंजीत के झारखंड सरकार के दो कैबिनेट मंत्रियों से अच्छे संबंध रहे हैं। इनमें से एक हैं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हाजी हुसैन अंसारी व दूसरे हैं नगर विकास मंत्री सुरेश पासवान।
अंसारी ने मीडिया से बातचीत में कहा है कि वे रकीबुल को एक साल से जानते हैं। उन्होंने उसे अपने आवास पर आयोजित एक दावत में भी बुलाया था, जिसमें उसने कहा था कि वो इस्लाम कुबूल कर चुका है। रंजीत का कहना है कि वह सिख है, लेकिन 2007 से नवाज भी पढ़ता रहा है। रांची के गुरुद्वारा प्रबंधन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि रंजीत को कभी रांची के किसी गुरुद्वारा में नहीं देखा गया।

दिल्ली में रकीबुल ने कहा, शुरू से हूं हिन्दू

रकीबुल उर्फ रंजीत कोहली ने आज दिल्ली में पेशी के बाद पत्रकारों से पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि वो शुरू से हिंदू ही हैं। उनकी पत्नी द्वारा लगाए गए धर्म परिवर्तन के सारे आरोप झूठे हैं। कोहली ने कहा कि वो सिख धर्म से आते हैं। इधर, तारा सहदेव ने बुधवार को इस पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने की गुजारिश की है।

आइजी और डीआइजी अाते थे सिविल ड्रेस में

तारा की मानें तो झारखंड पुलिस के कई अधिकारी रंजीत के पास आते थे। पुलिस के ये अधिकारी सिविल ड्रेस में आते थे। रंजीत किसी को आइजी बताता था, तो किसी को डीआइजी। तारा का कहना है कि जज भी रंजीत के पास आते थे। लेकिन वे उन्हें देख नहीं पाती थी, क्योंकि उसे  बंद करके रखा जाता था। तारा जिसे जानती है उनमें झारखंड सरकार के मंत्री हाजी हुसैन अंसारी और सुरेश पासवान हैं। रंजीत हमेशा कोर्ट के मामलों को मैनेज करने की भीबात करता था।
स्त्रोत : दैनिक भास्कर

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