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Wednesday, 5 November 2014

वाड्रा को सताने लगा डर, बेची अपनी चार रियल एस्‍टेट कंपनियां

नई दिल्ली। डीएलएफ जमीन घोटाले को लेकर विवाद बढ़ता देख कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा ने अपना कारोबार समेटना शुरू कर दिया है।
वाड्रा ने 12 में से चार कंपनियां बेच दी हैं। दो और कंपनियां जल्द ही बंद हो सकती है। ये सभी हरियाणा और राजस्थान में काम कर रही थीं।
2012 में वाड्रा ने रिलय एस्टेट करोबार के लिए हरियाणा और राजस्थान में 12 कंपनियां खोलीं। तब वहां कांग्रेस का शासन था। लेकिन दोनों राज्यों में भाजपा की सरकार की बनने के साथ ही वाड्रा मुश्किलें शुरू हो गई हैं।
उनकी कंपनियों द्वारा किए गए जमीन सौदे की जांच शुरू हो गई।वाड्रा हाल ही में जमीन सौदे से जुड़े सवालों को लेकर पत्रकार के साथ बदसलूकी करने के बाद विवादों में आ गए थे।
वाड्रा ने जो चार कंपनियां बंद की, वे हैं- लाइफलाइन एग्रोटेक प्राइवेट लिमिटेड, ग्रीनवेव एग्रो प्राइवेट लिमिटेड, राइटलाइन एग्रीकल्चर प्राइवेट लिमिटेड और प्राइम टाइम एग्रो प्राइवेट लिमिटेड। बाकी जो दो अन्य कंपनियां बंद होने की प्रक्रिया में हैं, वे हैं फ्यूजर इन्फ्रा एग्रो और बेस्ट सीजंस प्राइवेट लिमिटेड।
ये कंपनियां कृषि पर आधारित या जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़ी हुई हैं। वाड्रा इन सभी कंपनियों के प्रबंध निदेशक हैं।
वाड्रा ने 26 मई को नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में एनडीए सरकार के शपथ ग्रहण के साथ ही अपनी कंपनियों को बेचने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। वह दोनों राज्यों में अपनी जमीनें भी बेच रहे हैं।

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