रांची (झारखंड) - हिंदू बनकर धोखे से शादी करने वाले रकीबुल उर्फ रंजीत कुमार कोहली और उसकी मां की कैद से बच कर निकली नेशनल शूटर तारा सहदेव को सुहाग की निशानी सिंदूर लगाने पर भी पाबंदी थी। पति और सास से छुपकर बालों के अंदर वह सिंदूर लगाती थी। सिंदूर लगाने का विरोध दोनों मां-बेटा करते थे। कहते थे, सिंदूर लगाई तो हाथ तोड़ देंगे। दोनों इस्लाम धर्म कबूल कराने पर अड़े थे। वो धमकी देते थे कि तुम्हारे सामने दो ही रास्ते हैं, या तो इस्लाम धर्म स्वीकार करो या फिर बिस्तर यही रहेगा, लेकिन आदमी बदलता रहेगा।
पीड़िता तारा सहदेव को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई गई। |
तारा कहती है, “शादी से पहले बड़े अफसरों के साथ पीली बत्ती में बॉडीगार्ड के साथ आने वाला रकीबुल शादी के लिए प्रभावित करने के कई हथकंडे अपनाता था। अपना धौंस जमाने के लिए वह शूटिंग रेंज के लिए फंड दिलवाने का भरोसा दिलाता था, पर शादी होते ही पहली रात में ही उसके रंग-रूप बदल गए और वास्तविकता सामने आने लगी।”
कई लड़कियों से खेलता था
तारा ने बताया, “रकीबुल कई लड़कियों के साथ खेलता था। एक दिन मेरे सामने ही दो-तीन बच्चियां आई थीं। कुछ दिनों के बाद कॉलेज में उनका एडमिशन करा दिया गया। रकीबुल उनके साथ अच्छे से तैयार होकर जाता था। उसके बाद वह गार्ड मंगा लेता था। उसके लिए गाड़ी भेज दी जाती थी। वह ऐसा व्यवहार करता था कि मानो उससे अच्छा और प्रभावशाली इंसान हो ही नहीं सकता। एक बार तो उनसे पूछा कि अगर हमारी शादी नहीं हुई होती, तो क्या आप लोग हमसे शादी करतीं।”
लड़कियों ने कहा, “सर, आपके जैसे इंसान के साथ कौन नहीं शादी करना चाहेगा। इसपर उसने कहा, मेरे बहुत सारे दोस्त हैं।”
रात में बातें करता था अपने सरकार से
रकीबुल की गतिविधियां रात में डरावनी हो जाती थीं। उसकी मां उसमें सहयोग करती थी। रात में ही वह अपने सरकार (अपने बॉस) से बातें करता था। जब भी वह बात करता था, तो किसी का नाम नहीं लेता था। वह सिर्फ सरकार-सरकार शब्द से संबोधित करता था। तारा बताती है कि वह पांच-छह मोबाइल फोन रखता है। उसमें सिम बदल-बदलकर बातें करता था। उसके पास ढेरों सिम कार्ड हैं। उसके घर में बैग में भरकर पैसे आते थे।
अब मैं वहां नहीं जाना चाहती
तारा ने कहा कि अब पता चला कि दरिंदगी क्या होती है। पहले सिर्फ सुना करती थी। अब मैं वहां नहीं जाना चाहती हूं। नाम बदल दिया जाता, पहचान छुपा दी जाती। ऐसी जगह रखा जाता कि वहां से निकलना मुश्किल हो जाता। वह तो मेरी मां का आशीर्वाद है कि मैं वहां से निकली। फटा कपड़ा पहनने को दिया जाता था।
रकीबुल के ठाठ पर रोजाना था एक लाख रुपए का खर्च
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रकीबुल खान जहां रहता था, वहां पड़ोसियों के घर तो खुद नहीं जाता था, लेकिन उसकी मां कौशल्या रानी कोहली पड़ोसियों के घर आया-जाया करती थी। ब्लेयर स्थित फ्लैट नंबर ४डी में वह रहता था। एक रिटायर आईएफएस अफसर व रकीबुल के पड़ोसी ने बताया कि कौशल्या रानी बताती थीं कि पहले वे लोग हिंदू थे। रकीबुल का नाम रंजीत सिंह कोहली था। वह काफी पूजा-पाठ करता था, लेकिन वह अपने जीवन में मनमाफिक तरक्की नहीं कर पा रहा था। तकरीबन पांच साल पहले अचानक एक दिन उसने सभी देवी-देवताओं की तस्वीरों को मंदिर में रख दिया और मक्का मदीना का फोटो घर में रखने लगा।
पड़ोसी ने बताया कि रकीबुल छह महीने में एक बार हज पर जाता था। जब से उसने इस्लाम धर्म कबूला, उसकी तरक्की दिन दूनी और रात चौगुनी होने लगी। उसकी मां की बातों को सुन पड़ोसी भी दंग रह गए थे, क्योंकि जिस तरीके की बात वह बताती थी, उस हिसाब से पैसे भी उसके घर में आने लगे थे।
धर्म नहीं बदलेगी तो बर्बाद कर देंगे
तारा ने रविवार को सांसद रामटहल चौधरी और डीआईजी प्रवीण सिंह को आपबीती सुनाई। वह अभी भी बातें करते हुए कांपती है। तारा बताती है कि उसके बाएं हाथ पर ही वह हथियार से प्रहार करता था। वह कहता था कि धर्म परिवर्तन नहीं करोगी तो तुम्हारी प्रतिभा बरबाद कर देंगे। वह अक्सर उसे केहूनी से ही मारता था। वह कहता था कि दुनिया में तुम्हारा नाम न हो, इसके लिए जो भी होगा करेंगे।
स्त्रोत : दैनिक भास्कर
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