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Tuesday, 4 November 2014

उत्तरप्रदेश : इंडियन मुजाहिदीन का खूंखार आतंकी सलीम पतला २२ वर्ष बाद गिरफ्तार

ग वर्ष ५११६
मुजफ्फरनगर(मेरठ) – देश को हिलाकर रख देने वाले मेरठ के हाशिमपुरा दंगे के बाद पीएसी के कैंप पर बम फेंकने वाले मुख्य आरोपी सलीम पतला को 22 वर्ष बाद कल देर रात एटीएस ने मुजफ्फर नगर से गिरफ्तार किया। फिलहाल मुरादाबाद में पहचान छिपाकर रह रहा आरोपी किसी साथी से मिलने खतौली आया था, जहां बस स्टैंड पर एटीएस और पुलिस ने उसे दबोच लिया। आरोपी से मोबाइल और फर्जी आईडी बरामद की गई है। वह वर्ष 1992 और 1993 में मेरठ स्थित पीएसी के कैंपों में हुए बम धमाकों के बाद से फरार चल रहा था।
बुधवार देर रात 12.50 बजे मेरठ एटीएस के इंस्पेक्टर विनोद काकड़ा और खतौली कोतवाली प्रभारी सुनील कुमार त्यागी ने टीम के साथ बस स्टैंड से अधेड़ को गिरफ्तार किया। थाने लाकर आरोपी की तलाशी ली गई तो उसके पास से एक मोबाइल और फर्जी आईडी बरामद की गई। पूछताछ में उसने जो बताया उससे एटीएस और पुलिस की बांछें खिल गईं। इंस्पेक्टर सुनील त्यागी के अनुसार पकड़ा गया अधेड़ मेरठ के लिसाढ़ी गेट थाना क्षेत्र के इस्लामाबाद निवासी सलीम उर्फ पतला पुत्र अब्दुल रहमान है। वह पूर्व में प्रतिबंधित इंडियन मुजाहिदीन से जुड़ा था और मेरठ में वर्ष 1992 और 1993 में पीएसी के दो कैंपों में हुए बम धमाकों के बाद से फरार चल रहा था।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक फिलहाल सलीम मुरादाबाद के कटघर थाना क्षेत्र की एकता विहार कॉलोनी के बी-29 मकान में रह रहा था। दिखावे के लिए उसने मोबाइल शॉप खोल रखी थी, लेकिन उसका असली काम चोरी की लग्जरी गाड़ियों को कश्मीर के श्रीनगर में सप्लाई करने का था। आतंकियों के साथ कनेक्शन की आशंका के चलते उसके परिचितों को खंगाला जा रहा है। एसपी सिटी श्रवण कुमार ने बताया कि सलीम उर्फ पतला से पूछताछ की जा रही है। उसकी गिरफ्तारी के संबंध में खतौली कोतवाली में विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। उसके आतंकी कनेक्शन के संबंध में भी एटीएस और अन्य खुफिया एजेंसियां जांच कर रही हैं।
२५ से अधिक लग्जरी गाड़ियां कश्मीर भेजीं
मेरठ के पीएसी कैंपों में बम धमाकों के बाद से फरार चल रहा सलीम पतला चोरी की लग्जरी गाड़ियों को कश्मीर के श्रीनगर समेत अन्य शहरों में सप्लाई करता था। सूत्रों के अनुसार वह अब तक 25 से अधिक ओडी, डस्टर, फार्चूनर, इनोवा आदि गाड़ियां कश्मीर भेज चुका है। इन गाड़ियों को पश्चिमी यूपी के विभिन्न शहरों के साथ ही दिल्ली से भी चोरी कर मुरादाबाद ले जाया जाता था। वहां से इन्हें फर्जी कागजात तैयार कर कश्मीर ले जाकर बेच दिया जाता था। लग्जरी गाड़ियां किसके लिए कश्मीर ले जाई जाती थीं, इसकी खुफिया एजेंसियां जांच कर रही हैं।
स्त्रोत : प्रभात खबर

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