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Tuesday, 4 November 2014

वाघा के आत्मघाती का निशाना थे भारतीय, सिख जत्थे पर था हमले का इरादा

निशाना भारतीय थे। एक अंग्रेजी अखबार ने खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर यह कहा। उसका कहना है कि आत्मघाती हमलावर भारतीयों को मारना चाहता था लेकिन उससे चूक हो गई।
समझा जाता है कि वह आत्मघाती सिखों के एक बड़े जत्थे को निशाना बनाने आया था। दरअसल वहां से सिखों का एक बड़ा जत्था लाहौर के पास ननकाना साहिब जाने वाला था जहां गुरु नानक देव जी का जन्म हुआ और उनकी जयंती मनाई जाने वाली थी। पाकिस्तान सरकार ने उन्हें इसिलिए वीजा दिया था। पाकिस्तान के आतंकी गिरोहों का निशाना संभवतः वही जत्था था। वैसे भी वह आतमाघाती हमलावर भारत की सीमा की तरफ बढ़ रहा था जिसे पाक रेंजरों ने रोक दिया था।
61 बेगुनाहों की जान लेने वाले हमलावर की अभी तक पहचान नहीं हुई है और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियां अभी तक हवा में हाथ-पैर मार रही हैं। पाकिस्तान में दर्जनों कट्टर इस्लामी गिरोह हैं जो इस तरह के कामों को अंजाम देते रहते हैं।
भारतीय खुफिया एजेंसियों का मानना है कि आत्मघाती हमला पाकिस्तान की अंदरूनी राजनीति में चल रहे विवादों का नतीजा है। समझा जाता है कि वहां आपसी मतभेद बढ़ गए हैं जिसका नतीजा यह हमला है। दरअसल वहां सरकारी और गैर सरकारी कई गुट हैं जो नहीं चाहते कि भारत और पाकिस्तान में बातचीत हो। वे दोनों के बीच शत्रुता बढ़ाना चाहते हैं। इस हमलावर का भी इरादा भारतीयों को नुकसान पहुंचाने का था लेकिन वह बम वहीं फट गया ।
स्त्रोत : आज तक

अद्ययावत

३ नवंबर २०१४, कार्तिक शुक्लपक्ष एकादशी, कलियुग वर्ष ५११६

वाघा सीमा पर धमाके का आदेश हमने दिया : तालिबान

talibanवाघा सीमा के पास पाकिस्तान के भीतर हुए धमाके की तालिबान और तालिबान से जुडे चरमपंथी संगठन जुनदुल्लाह ने जिम्मेदारी ली है। इन संगठनों का दावा है कि उन्होंने इस हमले का आदेश दिया था।
पाकिस्तान में रविवार को लाहौर के निकट वाघा सीमा के पास जोरदार धमाका हुआ था। इसमें 50 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। पाकिस्तान पुलिस के मुताबिक यह आत्मघाती हमला था।
पाकिस्तानी पंजाब के आईजी पुलिस मुश्ताक सखेरा ने इसकी पुष्टि की है कि यह विस्फोट आत्मघाती था। मारे गए लोगों में कई पाकिस्तानी रेंजरों, अधिकारियों के अलावा महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
खबरों में कहा गया है कि यह वारदात वाघा बार्डर पर रोजाना की फ्लैग परेड के तुरंत बाद हुई। प्रशासन ने लाहौर के सभी अस्पतालों में आपातकाल लागू कर दिया है।
अस्पताल के डीएमएस डॉ खुर्रम ने स्थानीय टेलीविजन एक्सप्रेस न्यूज से बातचीत में इसे नरसंहार बताया है।
प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और पाकिस्तान प्रशासित पंजाब के मुख्यमंत्री शहबाज शरीफ ने इस घटना की रिपोर्ट मांगी है। उधर, पाकिस्तान तहरीक इंसाफ ने ट्विटर पर एक संदेश में इस धमाके पर अफसोस जताया है।
स्त्रोत : अमर उजाला

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