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Friday, 31 October 2014

Deal or No Deal? Shiv Sena Sets BJP a Deadline

Deal or No Deal? Shiv Sena Sets BJP a Deadline
Shiv Sena chief Uddhav Thackeray greets PM Narendra Modi at Devendra Fadnavis' swearing-in ceremony
MUMBAI They had to skip being included in the swearing-in of the new BJP government in Maharashtra, but now the wants an answer. 

The Sena says they have told the BJP that they must decide on an alliance - one way or another - before the vote of confidence. 

The Maharashtra governor had given the BJP 15 days to hold a trust vote; the deadline expires on November 15. 

Unless there is an agreement before that date, the Sena says they will not support the government. It has also reportedly indicated to the BJP that it is looking at three names for a potential Leader of Opposition in the state assembly, should the two parties fail to seal a deal.

The BJP has 123 seats; it needs 22 more to win the vote. The Sena has 63. But the BJP has been in a sweet spot courtesy Sharad Pawar's party, which says it will abstain during the vote in a show of support for the minority government.

Even so, the BJP has indicated it wants an alliance with the Sena. With Sena chief Uddhav Thackeray being persuaded to attend the huge swearing-in on Friday, there were indications of a thaw.  

"Uddhav Thackeray's attendance today was a big gesture. Talks are moving in the right direction," new Chief Minister Fadnavis said after the ceremony.

His cabinet has been modestly-sized to accommodate add-ons from potential partners.  

The Sena has reportedly agreed to a 2:1 formula for portfolios, meaning for every two berths the BJP keeps, the Sena is willing to settle for one. 

But with the Sena configured as a could-do option rather than a must-have, BJP leaders are keen to drive a hard bargain. 
 
The parties terminated a 25-year alliance in Maharashtra in September, with the Sena refusing to accept a reversal of roles that would turn the BJP into the senior partner. Equipped with its tremendous victory in the national election earlier this year, the BJP decided to opt out of the alliance, a bet that has delivered monumental gains.

एकता दिवस पर मोदी ने दिया एकता मंत्र और भी... http://aajtak.intoday.in/video/pm-modi-gives-ekta-mantra-1-785751.html

देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की आज जंयती है. पटेल के नाम पर आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'रन फॉर यूनिटी' का आयोजन किया. मोदी के ऊपर ये आरोप भी लगे कि वो पटेल की विरासत को कांग्रेस से छीनने का प्रयास कर रहे हैं. मोदी ने कई बार पटेल का जिक्र एक प्रखर राष्ट्रवादी के तौर पर करके उन्हें राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की विचारधारा के करीब ठहराने की कोशिश की. कहते हैं इतिहास विजेता लिखते हैं, लिखते होगें लेकिन खत लोग लिखा करते हैं. महात्मा गांधी की हत्या के बाद आरएसएस पर 4 फरवरी 1948 को प्रतिबंध लगा दिया गया था. इस प्रतिबंध के छह महीने बाद सरदार पटेल ने संघ के संस्थापक गोलवलकर को खत लिखा था. इस खत के माध्यम से पटेल की संघ और देश की एकता के बारे में विचार जाने जा सकते हैं. पढ़िए गोलवलकर को लिखा सरदार पटेल का खत.
नई दिल्ली, 11 सितंबर, 1948
औरंगजेब रोड
भाई श्री गोलवलकर,

आपका खत मिला जो आपने 11 अगस्त को भेजा था. जवाहरलाल ने भी मुझे उसी दिन आपका खत भेजा था. आप राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ पर विचार भली-भांति जानते हैं. मैने अपने विचार जयपुर और लखनऊ की सभाओं में भी व्यक्त किए हैं. लोगों ने भी मेरे विचारों का स्वागत किया है. मुझे उम्मीद थी कि आपके लोग भी उनका स्वागत करेंगे, लेकिन ऐसा लगता है मानो उन्हें कोई फर्क ही न पड़ा हो और वो अपने कार्यों में भी किसी तरह का परिवर्तन नहीं कर रहें. इस बात में कोई शक नहीं है कि संघ ने हिंदू समाज की बहुत सेवा की है. जिन क्षेत्रों में मदद की आवश्यक्ता थी उन जगहों पर आपके लोग पहुंचे और श्रेष्ठ काम किया है. मुझे लगता है इस सच को स्वीकारने में किसी को भी आपत्ति नहीं होगी. लेकिन सारी समस्या तब शुरू होती है जब ये ही लोग मुसलमानों से प्रतिशोध लेने के लिए कदम उठाते हैं. उन पर हमले करते हैं. हिंदुओं की मदद करना एक बात है लेकिन गरीब, असहाय लोगों, महिलाओं और बच्चों पर हमले करना बिल्कुल असहनीय है.
इसके अलावा देश की सत्ताधारी पार्टी कांग्रेस पर आपलोग जिस तरह के हमले करते हैं उसमें आपके लोग सारी मर्यादाएं, सम्मान को ताक पर रख देते हैं. देश में एक अस्थिरता का माहौल पैदा करने की कोशिश की जा रही है. संघ के लोगों के भाषण में सांप्रदायिकता का जहर भरा होता है. हिंदुओं की रक्षा करने के लिए नफरत फैलाने की भला क्या आवश्यक्ता है? इसी नफरत की लहर के कारण देश ने अपना पिता खो दिया. महात्मा गांधी की हत्या कर दी गई. सरकार या देश की जनता में संघ के लिए सहानुभूति तक नहीं बची है. इन परिस्थितियों में सरकार के लिए संघ के खिलाफ निर्णय लेना अपरिहार्य हो गया था.
 
राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ पर प्रतिबंध को छह महीने से ज्यादा हो चुके हैं. हमें ये उम्मीद थी कि इस दौरान संघ के लोग सही दिशा में आ जाएंगे. लेकिन जिस तरह की खबरें हमारे पास आ रही हैं उससे तो यही लगता है जैसे संघ अपनी नफरत की राजनीति से पीछे हटना ही नहीं चाहता. मैं एक बार पुन: आपसे आग्रह करूंगा कि आप मेरे जयपुर और लखनऊ में कही गई बात पर ध्यान दें. मुझे पूरी उम्मीद है कि देश को आगे बढ़ाने में आपका संगठन योगदान दे सकता है बशर्ते वह सही रास्ते पर चले .आप भी ये अवश्य समझते होंगे कि देश एक मुश्किल दौर से गुजर रहा है. इस समय देश भर के लोगों का चाहे वो किसी भी पद, जाति, स्थान या संगठन में हो उसका कर्तव्‍य बनता है कि वह देशहित में काम करे. इस कठिन समय में पुराने झगड़ों या दलगत राजनीति के लिए कोई स्थान

2जी घोटाला: मनी लॉन्‍ड्र‍िंग केस में पूर्व मंत्री राजा, सांसद कनिमोई के खिलाफ आरोप तय

लॉन्‍ड्र‍िंग के मामले में विशेष अदालत ने शुक्रवार को पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा, डीएमके सांसद कनिमोई और अन्‍य के खिलाफ आरोप तय किए. कोर्ट ने इस मामले में डीएमके प्रमुख एम करुणानिधि की पत्‍नी दयालु अम्‍माल के खिलाफ भी आरोप तय किए हैं.
दिल्ली की पटियाला हाउस स्थित विशेष अदालत में दायर चार्जशीट में ईडी ने जिन 16 अन्य लोगों और कंपनियों के खिलाफ मनी लॉन्‍ड्र‍िंग केस में चार्जशीट दायर की है, उनमें स्वान टेलिकॉम प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर्स शाहिद उस्मान बलवा और विनोद गोयनका भी शामिल हैं. इनके खिलाफ आरोप आईपीसी की धारा 120 (बी) आपराधिक षड्यंत्र और मनी लॉन्‍ड्र‍िंग कानून के विभिन्न प्रावधानों के तहत तय किए गए हैं.
अदालत ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय द्वारा आरोपित सभी 19 आरोपियों के खिलाफ प्रथम दृष्टया मनी लॉन्‍ड्र‍िंग के आरोप लगाए गए हैं. राजा, कनिमोई और अन्य आरोपियों ने मामले में खुद को बेकसूर बताया और सुनवाई की मांग की.
 
गौरतलब है कि जिन लोगों के खिलाफ 2जी घोटाला मामले में सीबीआई ने पहले से चार्जशीट दायर कर रखी है, उनमें 84 साल की दयालु अम्माल का नाम नहीं है. अम्‍माल इस मामले में गवाह भर रही हैं.
2जी मामले में घेरे में आए स्वानलॉन्‍ड्र‍िंग के मामले में विशेष अदालत ने शुक्रवार को पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा, डीएमके सांसद कनिमोई और अन्‍य के खिलाफ आरोप तय किए. कोर्ट ने इस मामले में डीएमके प्रमुख एम करुणानिधि की पत्‍नी दयालु अम्‍माल के खिलाफ भी आरोप तय किए हैं.
दिल्ली की पटियाला हाउस स्थित विशेष अदालत में दायर चार्जशीट में ईडी ने जिन 16 अन्य लोगों और कंपनियों के खिलाफ मनी लॉन्‍ड्र‍िंग केस में चार्जशीट दायर की है, उनमें स्वान टेलिकॉम प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर्स शाहिद उस्मान बलवा और विनोद गोयनका भी शामिल हैं. इनके खिलाफ आरोप आईपीसी की धारा 120 (बी) आपराधिक षड्यंत्र और मनी लॉन्‍ड्र‍िंग कानून के विभिन्न प्रावधानों के तहत तय किए गए हैं.
अदालत ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय द्वारा आरोपित सभी 19 आरोपियों के खिलाफ प्रथम दृष्टया मनी लॉन्‍ड्र‍िंग के आरोप लगाए गए हैं. राजा, कनिमोई और अन्य आरोपियों ने मामले में खुद को बेकसूर बताया और सुनवाई की मांग की.
 
गौरतलब है कि जिन लोगों के खिलाफ 2जी घोटाला मामले में सीबीआई ने पहले से चार्जशीट दायर कर रखी है, उनमें 84 साल की दयालु अम्माल का नाम नहीं है. अम्‍माल इस मामले में गवाह भर रही हैं.
2जी मामले में घेरे में आए स्वान टेलिकॉम के प्रमोटर्स ने कलैंगर टीवी को 200 करोड़ रुपये दिए थे, जिस पर डीएमके का नियंत्रण है.
प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्डरिंग एक्‍ट की धारा 3 के तहत अगर दोष साबित हो जाए तो 7 साल तक कैद सुनाई जा सकती है.

और भी... http://aajtak.intoday.in/story/special-court-frames-charges-against-a-raja-kanimozhi-and-others--in-2g-sca-1-785739.html टेलिकॉम के प्रमोटर्स ने कलैंगर टीवी को 200 करोड़ रुपये दिए थे, जिस पर डीएमके का नियंत्रण है.
प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्डरिंग एक्‍ट की धारा 3 के तहत अगर दोष साबित हो जाए तो 7 साल तक कैद सुनाई जा सकती है.


सरदार पटेल के लिए दौड़ा देश, 'रन फॉर यूनिटी' में शामिल हुए पीएम नरेंद्र मोदी और भी... http://aajtak.intoday.in/story/prime-minster-narendra-modi-run-for-unity-on-sardar-vallabhbhai-patel-birth-anniversary-1-785721.html

देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर 'रन फॉर यूनिटी' का आयोजन किया गया. पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के तौर पर मनाया गया. 'रन फॉर यूनिटी' में आज पूरा देश दौड़ा. इस मौके पर मोदी ने दिल्ली में राजपथ पर 'रन फॉर यूनिटी' को हरी झंडी दिखाई. विजय चौक से इंडिया गेट तक आयोजित इस दौड़ में खुद पीएम भी शामिल हुए. इस मौके पर उन्होंने कहा कि ये देश विविधताओं में एकता की मिसाल पेश करता है.
राष्ट्रपति भवन से प्रणब मुखर्जी ने भी दौड़ को हरी झंडी दिखाई. बॉक्सर विजेंद्र कुमार और पहलवान सुशील कुमार सहित खेल जगत की तमाम हस्तियां भी इस दौड़ का हिस्सा बनीं. केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने हैदराबाद में 'रन फॉर यूनिटी' को हरी झंडी दिखाई. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री रमन सिंह ने 'रन फॉर यूनिटी' को हरी झंडी दिखाई और इस दौड़ में हिस्‍सा लिया. उम्मीद है कि इस दौड़ में 10 हजार से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया. इंडिया गेट और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं. (फोटो: केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने राष्‍ट्रीय एकता दिवस के मौके पर तेलुगु में शपथ दिलाई)
'रन फॉर यूनिटी' को हरी झंडी दिखाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि महात्मा गांधी और सरदार पटेल की जोड़ी बेमिसाल थी. पटेल की 139वीं जयंती के मौके पर विजय चौक पर आयोजित समारोह में मोदी ने कहा कि महात्मा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल के बीच अटूट रिश्ता था. गांधी जी ने दांडी यात्रा का जिम्मा सरदार पटेल को सौंपा था. ऐसा लगता था कि सरदार साहब के बिना गांधी जी भी अधूरे थे.
इंदिरा को किया याद
मोदी ने कहा कि जो राष्ट्र अपने इतिहास का सम्मान नहीं करता, वह इसका सृजन नहीं कर सकता. उन्होंने 1984 में आज ही के दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए सिख विरोधी दंगों का अप्रत्यक्ष तौर पर जिक्र भी किया.
मोदी ने कहा कि सरदार पटेल ने अपना पूरा जीवन देश की एकता के लिए समर्पित कर दिया और यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि 30 वर्ष पहले उनकी जयंती पर ‘हमारे अपने लोग’ मारे गए. उनकी टिप्पणी इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए दंगों को लेकर थी.
'लौह पुरुष' के तौर पर लोकप्रिय सरदार पटेल के योगदान का जिक्र करते हुए पीएम ने साफ किया कि यह पहल किसी अन्य नेता के योगदान को कमतर करने का प्रयास नहीं है. मोदी ने कहा, 'हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि जो राष्ट्र अपने इतिहास का सम्मान नहीं करता है, वह इसका सृजन कभी नहीं कर सकता. इतिहास, विरासत को विचारधारा के संकीर्ण दायरे में विभाजित मत कीजिए.'
मोदी ने कहा, 'अपने राजनीतिक जीवन में बाधा आने के बावजूद पटेल राष्ट्रीय एकता की अपनी सोच से कभी विचलित नहीं हुए. यह देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है कि 30 साल पहले ऐसे नेता की जयंती पर ऐसी घटना हुई जिसने राष्ट्र की एकता को हिला दिया.' मोदी ने कहा, 'हमारे अपने लोगों मौत के घाट उतार दिया गया. यह घटना एक विशेष धर्म के लोगों के दिलों पर ही घाव नहीं है बल्कि हजारों वर्ष की देश की धरोहर एवं संस्कृति के हृदय में लगा खंजर है. उन्होंने यह भी कहा कि आज पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि है.
'पटेल के बिना अधूरे गांधी'
स्वतंत्रता आंदोलन में सरदार पटेल के योगदान को याद करते हुए मोदी ने कहा कि महात्मा गांधी ने उन्हें ऐतिहासिक दांडी यात्रा की योजना बनाने का दायित्व सौंपा था जिसे उन्होंने सफलतापूर्वक पूरा किया. पीएम ने कहा, 'जब हम रामकृष्ण परमहंस को देखते हैं तब ऐसा लगता है कि वह स्वामी विवेकानंद के बिना पूर्ण नहीं हैं. इसी तरह से जब हम महात्मा गांधी को देखते हैं तब भी वह सरदार पटेल के बिना अधूरे प्रतीत होते हैं.'
मोदी ने कहा कि आज पटेल की जयंती का प्रेरक पर्व है. सरदार पटेल ने अंग्रेजों के सपने को धूल में मिला दिया था. पटेल का जीवन देश की एकता को समर्पित है. मोदी ने इस मौके पर देश भर के लोगों को एकता की शपथ दिलाई.
मोदी ने पटेल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. इस मौके पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, वित्त मंत्री अरुण जेटली, शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू, कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद सहित तमाम बीजेपी नेता मौजूद रहे.

सरदार पटेल के लिए दौड़ा देश, 'रन फॉर यूनिटी' में शामिल हुए पीएम नरेंद्र मोदी और भी... http://aajtak.intoday.in/story/prime-minster-narendra-modi-run-for-unity-on-sardar-vallabhbhai-patel-birth-anniversary-1-785721.html

देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर 'रन फॉर यूनिटी' का आयोजन किया गया. पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के तौर पर मनाया गया. 'रन फॉर यूनिटी' में आज पूरा देश दौड़ा. इस मौके पर मोदी ने दिल्ली में राजपथ पर 'रन फॉर यूनिटी' को हरी झंडी दिखाई. विजय चौक से इंडिया गेट तक आयोजित इस दौड़ में खुद पीएम भी शामिल हुए. इस मौके पर उन्होंने कहा कि ये देश विविधताओं में एकता की मिसाल पेश करता है.
राष्ट्रपति भवन से प्रणब मुखर्जी ने भी दौड़ को हरी झंडी दिखाई. बॉक्सर विजेंद्र कुमार और पहलवान सुशील कुमार सहित खेल जगत की तमाम हस्तियां भी इस दौड़ का हिस्सा बनीं. केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने हैदराबाद में 'रन फॉर यूनिटी' को हरी झंडी दिखाई. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री रमन सिंह ने 'रन फॉर यूनिटी' को हरी झंडी दिखाई और इस दौड़ में हिस्‍सा लिया. उम्मीद है कि इस दौड़ में 10 हजार से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया. इंडिया गेट और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं. (फोटो: केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने राष्‍ट्रीय एकता दिवस के मौके पर तेलुगु में शपथ दिलाई)
'रन फॉर यूनिटी' को हरी झंडी दिखाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि महात्मा गांधी और सरदार पटेल की जोड़ी बेमिसाल थी. पटेल की 139वीं जयंती के मौके पर विजय चौक पर आयोजित समारोह में मोदी ने कहा कि महात्मा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल के बीच अटूट रिश्ता था. गांधी जी ने दांडी यात्रा का जिम्मा सरदार पटेल को सौंपा था. ऐसा लगता था कि सरदार साहब के बिना गांधी जी भी अधूरे थे.
इंदिरा को किया याद
मोदी ने कहा कि जो राष्ट्र अपने इतिहास का सम्मान नहीं करता, वह इसका सृजन नहीं कर सकता. उन्होंने 1984 में आज ही के दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए सिख विरोधी दंगों का अप्रत्यक्ष तौर पर जिक्र भी किया.
मोदी ने कहा कि सरदार पटेल ने अपना पूरा जीवन देश की एकता के लिए समर्पित कर दिया और यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि 30 वर्ष पहले उनकी जयंती पर ‘हमारे अपने लोग’ मारे गए. उनकी टिप्पणी इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए दंगों को लेकर थी.
'लौह पुरुष' के तौर पर लोकप्रिय सरदार पटेल के योगदान का जिक्र करते हुए पीएम ने साफ किया कि यह पहल किसी अन्य नेता के योगदान को कमतर करने का प्रयास नहीं है. मोदी ने कहा, 'हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि जो राष्ट्र अपने इतिहास का सम्मान नहीं करता है, वह इसका सृजन कभी नहीं कर सकता. इतिहास, विरासत को विचारधारा के संकीर्ण दायरे में विभाजित मत कीजिए.'
मोदी ने कहा, 'अपने राजनीतिक जीवन में बाधा आने के बावजूद पटेल राष्ट्रीय एकता की अपनी सोच से कभी विचलित नहीं हुए. यह देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है कि 30 साल पहले ऐसे नेता की जयंती पर ऐसी घटना हुई जिसने राष्ट्र की एकता को हिला दिया.' मोदी ने कहा, 'हमारे अपने लोगों मौत के घाट उतार दिया गया. यह घटना एक विशेष धर्म के लोगों के दिलों पर ही घाव नहीं है बल्कि हजारों वर्ष की देश की धरोहर एवं संस्कृति के हृदय में लगा खंजर है. उन्होंने यह भी कहा कि आज पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि है.
'पटेल के बिना अधूरे गांधी'
स्वतंत्रता आंदोलन में सरदार पटेल के योगदान को याद करते हुए मोदी ने कहा कि महात्मा गांधी ने उन्हें ऐतिहासिक दांडी यात्रा की योजना बनाने का दायित्व सौंपा था जिसे उन्होंने सफलतापूर्वक पूरा किया. पीएम ने कहा, 'जब हम रामकृष्ण परमहंस को देखते हैं तब ऐसा लगता है कि वह स्वामी विवेकानंद के बिना पूर्ण नहीं हैं. इसी तरह से जब हम महात्मा गांधी को देखते हैं तब भी वह सरदार पटेल के बिना अधूरे प्रतीत होते हैं.'
मोदी ने कहा कि आज पटेल की जयंती का प्रेरक पर्व है. सरदार पटेल ने अंग्रेजों के सपने को धूल में मिला दिया था. पटेल का जीवन देश की एकता को समर्पित है. मोदी ने इस मौके पर देश भर के लोगों को एकता की शपथ दिलाई.
मोदी ने पटेल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. इस मौके पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, वित्त मंत्री अरुण जेटली, शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू, कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद सहित तमाम बीजेपी नेता मौजूद रहे.